The different types of loans available in India | इतने प्रकार के लोन मिलते है भारत में.

Types of Loans in Hindi – “लोन” आज के समय में यह कोई नया शब्द नहीं है, क्योकि आज के समय में लोन के बारे में सभी लोग जानते है और अगर अपने नहीं तो आपके परिवार या जान पहचान वाले किसी व्यक्ति ने लोन अवश्य लिया होगा.

लेकिन शायद ही कुछ लोग जानते है कि लोन कितने प्रकार का होता है और types of loans लेने के लिए हमें क्या करना होगा, क्या हम कोई लोन ले सकते है? अगर यह प्रश्न आपके भी मन में है तो इन सारे प्रश्नों के जवाब आपको हमारी इस पोस्ट में मिलने वाले है.

“लोन एक ऐसी वित्तीय प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से किसी NBFC या Bank से आप धन उधार लेते है, और उसे आप तय समय सीमा के भीतर वापस करने का वादा करते है। लोन प्रदान करने वाली बैंक या संस्था आपके द्वारा उधार लिए जाने वाली ऋण राशी पर ने एक निश्चित दर ब्याज तय करती है, जिसे आपको निश्चित समय के भीतर मूलधन के साथ भुगतान करना होता है।”

Types of Loan In India -भारत में लोन के प्रकार

वैसे तो इंडिया में कई प्रकार के लोन बैंक या वित्तीय संस्थाओ के माध्यम से प्रदान किये जाते है, लेकिन अगर मुख्यतः बात की जाये तो अपनी प्रक्रति के अनुसार Two Types of Loan होते है –

Types of Loans in Hindi

  1. Secured loan (सुरक्षित ऋण)
  2. Unsecured Loan (असुरक्षित ऋण)

Secured Loan (सुरक्षित ऋण)


जब कोई व्यक्ति सुरक्षित लोन लेना चाहता है या लोन प्रदान करने वाली संस्था Secured Loan लेने की बात करती हैं, तो आपके लिए सिक्योर्ड लोन के बारे में जानकारी होना अवश्यक है. Secured loan एक ऐसा ऋण हैं जिनमें आपको लोन लेने के एवज में किसी संपत्ति को सुरक्षा के रूप में जमा करना होता है। अगर आप किसी कारण ऋण की वापसी नहीं कर सकते, तो ऋणदाता को अपने पैसे को वापस पाने के लिए कुछ कानूनी प्रावधान होते है जिनके माध्यम से वह आपके द्वारा दिए गए Collateral के माध्यम से अपने ऋण की अदायगी कर सकता है। सामान्यतः सुरक्षित ऋणों पर ब्याज की दर असुरक्षित ऋण मुकाबले कम होती है।

सिक्योर्ड लोन के प्रकार (Types of Secured Loan)

जैसा कि हम आपको ऊपर सुरक्षित ऋण के बारे में बता चुके है, अब हम आपको types of mortgage loans के बारे में जानकारी प्रदान कर रहे है –

1- होम लोन

Home Loan एक Secured Loan है जिसके माध्यम से कोई व्यक्ति घर को खरीदने या बनाने के लिए किसी बैंक या वित्तीय संस्था से लोन इ सकता है। अगर आपको अपने घर को बनाने या उसे खरीदने के लिए लोन की आवश्यकता है तो आप होम लोन के लिए आवेदन कर सकते है। निम्नलिखित प्रकार के होम लोन प्रदान किये जाते हैं:

  1. ज़मीन खरीद लोन: नए घर को बनाने की ज़मीन खरीदने के लिए आप होम लोन के लिए अप्लाई कर सकते है
  2. होम निर्माण लोन: नए घर की निर्माण के लिए धन की आवश्यकता होने पर इस लोन को लिया जा सकता है
  3. होम लोन बैलेंस ट्रांसफर: आपके मौजूदा होम लोन की शेष राशि को किसी अन्य बैंक द्वारा लिए गए होम लोन को चुकाने के लिए ट्रान्सफर कर सकते है
  4. टॉप अप लोन: मौजूदा घर को सुधारने या उसकी मरम्मत करने या नए घर के लिए नवीन आंतरिक सजावट के लिए टॉप अप लोन का इस्तेमाल किया जा सकता है

2 – गोल्ड लोन

भारत में सोने को घरो में रखने का पुराना रिवाज है और लोग आभूषण के रूप में घर में सोना रखते है. लेकिन वर्तमान समय में आप जरूरत पड़ने पर सोने के ऊपर लोन ले सकते है. Gold Loan एक अल्पावधि के लिए प्रदान किया जाने वाला लोन है. अगर आपको कम समय के लिए ऋण की आवश्यकता है तो आप गोल्ड लोन प्रदान करने वाली बैंक या संस्था में अपने सोने को गिरवी रखकर उस पर लोन ले सकते है. गोल्ड लोन लेने की प्रक्रिया में आपके द्वारा गिरवी रखे जाने वाले सोने की मात्र में कुछ प्रतिशत को छोड़कर उस पर लोन प्रदान कर दिया जाता है.

Gold Loan Interest Rate अन्य लोन के मुकाबले कम होती है और आप आकर्षक ब्याजदरों पर अपनी किसी भी जरूरत के वित्तीय प्रबंध कर सकते है. भारत में कई संस्था और बैंक गोल्ड लोन प्रदान करती है. जैसे Muthoot Finance Gold Loan, Manappuram Gold Loan, Bank of Baroda Se Gold Loan आदि.

3 – Loan Against Property (LAP)

Loan Against Property (LAP) एक Secured Loan है। जिसके माध्यम से आप किसी भी आवासीय, वाणिज्यिक, या औद्योगिक संपत्ति को गिरवी रखकर उसके खिलाफ लोन प्राप्त कर सकते हैं। Loan Against Property के माध्यम से प्रदान किया जाने वाला ऋण आपके द्वारा बैंक या संस्था में गिरवी राखी गयी संपत्ति के निर्धारित मूल्य के कुछ प्रतिशत के समान होती है और यह ऋण प्रदान करने वाली संस्था अथवा बैंक के नियमो पर निर्भर करती है। हालाँकि कुछ ऋण प्रदान करने वाली संथाएं संपत्ति के मूल्य के 50-60% के बराबर राशि लोन के रूप में प्रदान कर देती है, जबकि कुछ 80% के करीब की राशि तक का ऋण स्वीकृत कर देती हैं।

LAP द्वारा प्रदान लोन राशी का उपयोग बच्चों के लिए उच्च शिक्षा या विवाह जैसे व्यक्तिगत कार्यों पूरा करने के लिए उपयोग किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त व्यापारिक उपयोग में व्यापार विस्तार, अनुसंधान और उत्पाद विकास इत्यादिऋण का उपयोग किया जा सकता है।

4 – Loans against insurance policies

आप अपने बीमा पालिसी के खिलाफ भी ऋण प्राप्त कर सकते हैं। हालांकि सभी बीमा पालिसी पर लोन नहीं लिया जा सकता हैं। अगर आप बीमा पालिसी पर लोन लेना चाहते है तो आपके पास एंडोवमेंट और मनी-बैक पालिसी या जिनमें परिपूर्णता मूल्य होता है इनके खिलाफ लोन प्राप्त कर सकते हैं।आप किसी Term Insurance Policy के खिलाफ loan नहीं ले सकते है, क्योंकि इन पालिसी के पूरा होने पर कोई लाभ नहीं प्राप्त होता है।

5 – कृषि ऋण: Agriculture Loan

कृषि ऋण एक ऐसा Loan हैं जो किसानों को उनकी दिन-प्रतिदिन या सामान्य कृषि आवश्यकताओं के खर्चों को पूरा करने के लिए बैंक या संस्था द्वारा प्रदान किए जाता हैं। ये ऋण संकटकाल या दीर्घकालिक हो सकते हैं। Agriculture Loan फसल खेती के लिए कार्यिक पूंजी या कृषि उपकरण खरीदने के लिए उपलब्ध कराने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।

कृषि ऋण का उद्देश्य किसानों को विभिन्न कृषि कार्यों के लिए आवश्यक पूंजी प्रदान करना है ताकि उन्हें उच्च उत्पादकता और अच्छी गुणवत्ता की फसलें उत्पन्न करने में सहायता मिले। यह उन्हें सबसे नवीन और सुरक्षित कृषि उपकरणों की खरीदी करने की स्वतंत्रता भी प्रदान करता है ताकि उन्हें तकनीकी उन्नति का लाभ हो सके।

6 – Loan Against Fixed Deposits

Loan Against Fixed Deposits विशेष प्रकार का ऋण है जहां आपकी आवर्ती जमा संरक्षक के रूप में कार्य करती है। उदाहरण के लिए, यदि बैंक में आपकी आवर्ती जमा 20 लाख रुपये है, तो आप लगभग 80% के हद तक ऋण प्राप्त कर सकते हैं। हालांकि, इस प्रकार के ऋण के लिए लागू ब्याज दर सामान्यत: आवर्ती जमा दर से अधिक होती है।

यह ऋण विभिन्न आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए एक अच्छा विकल्प हो सकता है, लेकिन इसे लेते समय आपको ब्याज दरों की सतर्कता बनाए रखना चाहिए। आपकी निवेशक्षमता को ध्यान में रखते हुए सही आवंटन और ब्याज दरों के साथ, आवर्ती जमा पर ऋण एक सुरक्षित और उपयुक्त वित्तीय विकल्प हो सकता है।

Unsecured Loan (असुरक्षित ऋण)

असुरक्षित ऋण वे ऋण हैं जिसको लेने के लिए किसी सिक्यूरिटी या गिरवी की आवश्यकता नहीं होती है। लोन देने वाली संस्था आपकोआपके पिछले संबंधों, आपके क्रेडिट स्कोर और Loan History, Income के आधार पर loan प्रदान कर देती है । Unsecured Loan को प्राप्त करने के लिए आपके पास अच्छा Credit Score होना चाहिए। असुरक्षित ऋणों की ब्याज दर सामान्यत: सुरक्षा की कमी के कारण अधिक होती है।

अनसिक्योर्ड लोन के प्रकार (Types of Unsecured Loan)

असुरक्षित लोन के कुछ प्रमुख प्रकार निम्न है- Types of Unsecured Loan

व्यक्तिगत ऋण (Personal Loan)

यह ऋण व्यक्तिगत खर्चों के लिए प्रदान किया जाता है, जैसे कि शादी, चिकित्सा खर्च, यात्रा आदि। इसमें कोई संपत्ति को गिरवी नहीं रखना होता है, और यह क्रेडिट स्कोर के आधार पर दिया जाता है।

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क्रेडिट कार्ड ऋण (Credit Card Loan)

क्रेडिट कार्ड के माध्यम से भी आप असुरक्षित ऋण प्राप्त कर सकते हैं। आप अपने क्रेडिट कार्ड के माध्यम से विभिन्न खरीदारीयों के लिए ऋण ले सकते हैं, लेकिन इसे सही तरीके से चुकता करना महत्वपूर्ण है।

मेडिकल ऋण (Medical Loan)

यह ऋण चिकित्सा खर्चों के लिए प्रदान किया जाता है, और इसमें सुरक्षा की आवश्यकता नहीं होती है। अगर आपकी कोई निश्चित मासिक इनकम है और आपको किसी मेडिकल इमरजेंसी के लिए धन की आवश्यकता है अरो मेडिकल लोन ले सकते है

शिक्षा ऋण: Education Loan:

Education Loan एक ऐसा वित्तीय साधन है जिसे विद्यार्थी स्कूल या कॉलेज की ओर बढ़ने और उच्च शिक्षा को प्राप्त करने के लिए प्राप्त करता है। इसमें लोन लेने वाला विद्यार्थी होता है, जिसके साथ कोई नजदीकी रिश्तेदार सह-आवेदक होता है, जैसे कि माता-पिता, दादा-दादी, पति या भाई-बहन। Education Loanके अंतर्गत कोर्स की आधारिक शुल्क, परीक्षा शुल्क, आवास शुल्क, और अन्य विविध शुल्कों को कवर कर सकता है, जो ऋण देने वाले बैंक की नीति पर निर्भर करते हैं। यह ऋण भारत में या विदेश में होने वाले कोर्स के लिए प्राप्त किया जा सकता है.

भारत में लोन कितने प्रकार के होते हैं?

भारत में लोनमुख्यतः दो प्रकार के होते हैं
1- सुरक्षित ऋण (Secured Loan)
2- असुरक्षित ऋण (Unsecured Loan)


लोन कितने टाइप के होते है?

लोन दो टाइप के होते है
1- अल्पावधि लोन (Short term loan)
2- दीर्घावधि लोन (Long Term Loan)

लोन नहीं चुकाने पर क्या होता है?

अपनी आर्थिक स्थिति को सुरक्षित रखने के लिए अवश्यक है कि आप नियमित रूप से ईमआई को सही समय पर चुका दें। यह सीधे तौर पर आपकी वित्तीय स्वस्थता पर प्रभाव डाल सकता है।
अगर आप दो बार से अधिक ईमआई नहीं चुका रहे हैं, तो बैंक द्वारा जारी किए गए रिमाइंडर लेटर को ध्यानपूर्वक पढ़ें और तत्परता से क्रियाएं उठाएं। तीसरी बार बौंस होने पर बैंक सख्त रुख अपना सकता है और आपको नॉन-परफॉर्मिंग असेट (NPA) के रूप में गिना जा सकता है, जिससे आपकी वित्तीय स्थिति पर बुरा असर हो सकता है।
इसके अलावा, ईमआई बौंस से आपका सिबिल स्कोर भी प्रभावित हो सकता है, जो आपकी ऋण की मान्यता को प्रभावित कर सकता है। ऐसे मामलों में, वित्तीय दक्षता बनाए रखना महत्वपूर्ण है ताकि आप इस तरह की स्थितियों से बच सकें और आपका वित्तीय प्रबंधन सुरक्षित रहे।

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