CarDekho Founder And His Success Story | कारदेखो फाउंडर ने कैसे खड़ी 10,000 करोड़ की कंपनी

CarDekho Founder के बारे में आजकल कौन नहीं जानता है, अमित जैन कार देखो के संस्थापक और सीईओ है. इसके अलावा अमित जैन शर्क टैंक इंडिया के के नए सीजन में भी दिखाई दे चुके हैं आज हम कारदेखो फाउंडर अमित जैन की सक्सेस स्टोरी के बारे में जानकारी हासिल करेंगे, और यह भी जानेंगे की कैसे इन्होंने अपनी स्केल के बदौलत 9500 करोड रुपए की कंपनी खड़ी कर दी.

CarDekho क्या है?

भारत वर्तमान समय में कार का बहुत बड़ा बाजार है. और कार खरीदने से पहले लोग उसके बारे में काफी रिसर्च करते हैं. लोगों को इसी दिक्कत को देखते हुए कारदेखो जैसा एक नया प्लेटफार्म इंटरनेट पर आया, जहां पर आप किसी भी कार के बारे में और उसके स्पेसिफिकेशन के बारे में पूरी जानकारी हासिल कर सकते हैं.

Cardekho Portal की शुरुआत दो भाइयों के द्वारा कार खरीदने वाले ग्राहकों की दिक्कतों को ध्यान में रखकर और उन्हें ग्राहक के हिसाब से पूरी जानकारी उपलब्ध कराने के लिए की गई थी.

यहां पर आप नई कार के अलावा पुरानी कार के बारे में संपूर्ण जानकारी प्राप्त कर सकते हैं,Cardekho Portal वर्तमान में देश के ऑटो पार्ट्स पोर्टल में से एक महत्वपूर्ण पोर्टल है.

कारदेखो अपने ग्राहकों के लिए नई एवं इस्तेमाल की गई पुरानी कारों के बारे में पूरी जानकारी प्रदान करता है और उन्हें खरीदने में लोगों की मदद करता है.

कार देखो प्लेटफार्म की मदद से और इस पोर्टल पर हर 4 मिनट में एक कार बिक जाती है, यहां सभी प्रकार की ब्रांडों की कार देखने को मिल जाती है जैसे मारुति, हुंडई, टोयोटा, टाटा, महिंद्रा एंड फोर्ट आदि सभी इंटरनेशनल ब्रांड की गाड़ियां मौजूद है.

कार देखो पोर्टल की स्थापना 2008 में की गई थी,हांलाकि शुरुआत के दिनों में इसमें कोई सफलता नहीं मिली लेकन 2010के बाद इसमें सफलता प्राप्त होने लगी.

वर्तमान में Auto Company Cardekho कि कल वैल्यूएशन 1.2 बिलियन डॉलर है, अमित जैन ने इसके बाद कारदेखो पोर्टल के जैसे बाइक देखो, कॉलेज देखो जैसे पोर्टल्स की भी शुरुआत की.

Cardekho Founders की सक्सेस स्टोरी

CarDekho Founder
CarDekho Founder

कारदेखो ऑनलाइन पोर्टल को दो भाइयों ने मिलकर शुरू किया था जिनका नाम अमित जैन और अनुराग जैन है. दोनों ने ही मिलकर 2008 में इस पोर्टल की शुरुआत की और अपने छोटी सी कंपनी को 1.2 बिलियन डॉलर की वैल्यूएशन वाली इंटरनेशनल कंपनी में बदल डाला.

2014 में कारदेखो ने उमंग कुमार की Gaddi.com था अधिग्रहण किया और उसके बाद से उमंग कुमार भी कार देखो के को फाउंडर है.

आई अब देखते हैं कार देखो के फाउंडर्स की सक्सेस स्टोरी और उनके जीवन में इस मुकाम तक पहुंचाने के लिए कितनी कठिनाइयों और परेशानियां आई.

Amit Jain Founder of Cardekho

वर्तमान में अमित जैन Cardekho के को फाउंडर और सीईओ है, अमित जैन ने अपनी स्कूली शिक्षा जयपुर से प्राप्त की और वह भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान(IIT) दिल्ली से स्नातक है. B.tech की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने टाटा कंसलटेंसी सर्विस (TCS) सॉफ्टवेयर इंजीनियर के पास काम करना शुरू किया और इस पद पर उन्होंने लगभग 1 साल तक काम किया.

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इसके बाद अमित जैन ने इंटरनेशनल सॉफ्टवेयर कंपनी ट्राइलॉजी (Trilogy) मैं सीनियर एसोसिएटेड के पद को संभाला. अमित ने Trilogy के साथ 7 साल काम किया और प्रोडक्ट मैनेजर के पद तक भी पहुंचे.

इस कंपनी में काम करने के बाद उन्होंने अपने भाई अनुराग जैन के साथ मिलकर खुद का अपना स्टार्टअप शुरू करने के बारे में सोचा और GirnarSoft नाम की एक आईटी कंपनी की स्थापना की. इसके बाद इन्होंने कारदेखो पोर्टल की शुरुआत कीऔर जिसमे इनको काफी ख्याति प्राप्त हुई.

अनुराग जैन (Anurag Jain Co-founder of Cardekho)

अमित जैन के ही साथ उनके भाई अनुराग जैन कारदेखो के सह संस्थापक और Coo हैं. राजा ने आईआईटी दिल्ली से इंटीग्रेटेड मास्टर्स आफ टेक्नोलॉजी में Graduate डिग्री प्राप्त की है. अपनी डिग्री पूर्ण होने के बाद इन्होंने i2 Technology मैं सीनियर सिस्टम कंसल्टेंट के पद पर नौकरी करना प्रारंभ किया और इस कंपनी में यह 3 साल से अधिक समय तक काम करते रहे.

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इसके बाद अनुराग जैन Sabre Holdings में सीनियर ऑपरेशंस रिसर्च एनालिस्ट के पद पर भी एक साल तक काम किया, लेकिन 1 साल के बाद इन्होंने इस पद को छोड़ दिया और फिर अपने भाई अमित जैन के साथ मिलकर GirnarSoft गिरनार सॉफ्ट की शुरुआत की और बाद में कार देखो पोर्टल पर काम किया.

वर्तमान में अनुराग जैन कार देखो के को फाउंडर के अलावा गिरनार सॉफ्ट के भी को फाउंडर हैं.

Umang Kumar (उमंग कुमार) Co-Founder of CarDekho

उमंग कुमार भी इस समय कारदेखो के को-फाउंडर है 2014 से पहले उमंग कुमारGaadi.com नाम से एक पोर्टल चलाते थे जिसे बाद में कार देखो के द्वारा अधिग्रहण कर लिया गया. इसके बाद उमंग कुमार कार देखो के कोफाउंडर और प्रेसिडेंट के पद पर कार्यरत हैं.

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उमंग कुमार ने विश्वेश्वरैया प्रौद्योगिकी विद्यालय से कंप्यूटर में BE की डिग्री प्राप्त की हुई है. शिक्षा समाप्त करने के बाद इन्होंने सन 2011 मेंGaadi web Pvt. Ltd कंपनी की शुरुआत की जिसके वह सीईओ थे. लेकिन 2014 में इस कंपनी का अधिग्रहण कारदेखो के द्वारा कर लिया गया और अब यह कारदेखो के कोफाउंडर है.

कैसे शुरुआत हुई कारदेखो ऑनलाइन पोर्टल की ?

Cardekho के संस्थापक अमित जैन उनके भाई के अरुणाचल मूलता जयपुर राजस्थान के रहने वाले हैं. अमित जैन का जन्म 12 नवंबर 1976 को जयपुर में हुआ था. उनके परिवार का प्रमुख बिजनेस ज्वेलरी का था.

अमित जैन और अनुराग जैन के पिता आरबीआई के अधिकारी थे और अपना ज्वेलरी का भी धंधा करते थे. जब दोनों भाई नौकरी कर रहे थे तभी उनके पिता को कैंसर हो गया इस कारण दोनों को अपनी नौकरी छोड़कर के अपने पिता के इलाज हेतु घर वापस आना पड़ा.

लेकिन दुर्भाग्य बस कुछ ही समय में उनके पिता का भी स्वर्गवास हो गया. अब दोनों भाइयों ने अपने पैत्रक धंधे को आगे बढ़ाने की कोशिश की लेकिन वह इसमें सफल नहीं हो सके.

इसके बाद दोनों भाइयों ने अपनी स्केल के अनुसार और अपने अनुभव के आधार पर सन 2007 में ‘गिरनारसॉफ्ट’ प्राइवेट लिमिटेड नामक एक आईटी सर्विस कंपनी की स्थापना की.

शुरुआत में गिरनार सॉफ्ट को कोई काम नहीं मिला लेकिन काफी मशक्कत के बाद उन्हें अपना पहला ₹50000 का आर्डर मिला.

गिरनार सॉफ्ट के माध्यम से दोनों भाई कंपनियों को वेब डेवलपमेंट और बिजनेस सॉल्यूशन की सर्विस प्रोवाइड करते थे.

अपनी सर्विसेज के बदौलत कंपनी को काफ़ी ऑर्डर मिलने लगे और 1 अप्रैल 2007 को इन्होंने अपनी कंपनी में एक कर्मचारी को नौकरी पर रखा लेकिन उनकी लगन और मेहनत तथा अपने काम के प्रति ईमानदारी ने 1 साल के भीतर इस कंपनी को चार लिस्ट लोगों की मजबूत टीम के साथ खड़ा कर दिया.

दोनों भाई कार के काफी शौकीन थे और एक दिन 2008 में और दिल्ली के प्रगति मैदान में इंटरनेशनल ऑटो एक्सपो गए और स्टॉल से डिटेल और ब्रोशर कलेक्ट करके अपने घर वापस आ गए.

यहां जाने के बाद ही दोनों के मन में विचार आया कि क्यों ना हम ऑनलाइन हुए पोर्टल के माध्यम से लोगों तक कार की डिटेल पहुंचाएं ताकि लोग घर बैठे ऑनलाइन किसी भी कार के बारे में जानकारी हासिल कर सके और वहां से उसे खरीद और भेज भी सके.

यहां पर नई कार के अलावा पुरानी कार के खरीदने बेचने का भी ऑप्शन उपलब्ध था, जिससे लोगों में जल्दी इस पोर्टल के प्रति उत्सुकता बढ़ने लगी.

Cardekho Funding

  • 27 नवम्बर 2013 को 15 मिलियन डॉलर की पहली फंडिंग सिकोया कैपिटल इंडिया से सिरीज-A में प्राप्त की.
  • 9 राउंड की फंडिंग में 497.5 मिलियन डॉलर की फंडिंग प्राप्त की जा चुकी है.
  • 13 अक्टूबर 2021 क डेब्स फाइनेंसिंग राउंड में 50 मिलियन डॉलर तथा Series – E Equity Round में 200 मिलियन डॉलर लीपफ्रॉग इंवेस्टमेंट्स से प्राप्त की.
cardekho.com के CEO का नाम क्या है?

Cardekho के CEO है मिस्टर अमित जैन.

Cardekho के फाउंडर का क्या नाम है?

Cardekho के फाउंडर है अमित जैन और अनुराग जैन, दोनों सगे भाई है.

Cardekho के तीसरे co-founder का क्या नाम है?

Cardekho के तीसरे co-founder का नाम उमंग कुमार है,

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